दोस्तों आज हम बात करेगे की GST क्या है और GST की फुल्ल फोरम क्या होती है। GST- Goods and Service Tax पहले GST इतनी लागू नही थी पर अब केंद्र सरकार के बड़े फैंसलों नोटबंदी के बाद GST की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। GST देश की एक Tax वयवस्था है जिसके अंतर्गत आपको एक ही टैक्स देना पड़ता है। जीएसटी की एक खास बात है की किसी भी सामान या सर्विस पर पूरे देश में एक जैसा ही टैक्स देना पड़ता है। और यह नियम पूरे देश में लागू होता है सही भाषा में बटाऊ तो यह कर भारत में किसी वस्तु या सेवा की आपूर्ति होने पर ही यह कर लगाया जाता है।

GST क्रेडिट के मुक्त प्रवाह को कम करता है। और ये छोटे मोटे जैसे मोटर व्हिकल, डयूटी, पंट्रोलियम ये सब GST के अंतर्गत नही आएगे। जीएसटी (GST) पूरे भारत में किसी भी वस्तु या सर्विस पर एक जैसा टैक्स या जीएसटी लागू होती है।

तो चलिए दोस्तो जानते है की GST क्या है। यह कितने प्रकार की होती है इसमें हंसभी तरह की GST के बारे में जानेगे।

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GST के चार प्रकार होते है।

1. CGST (केंद्रीय गूड्स एंड सर्विस टैक्स)।

2. SGST (राज्य गूड्स एंड सर्विस टैक्स)।

3. IGST (एकीकृत गूड्स एंड सर्विस टैक्स)।

4. UTGST (केंद्र शासित प्रदेश गूड्स एंड सर्विस टैक्स)।

ये चार प्रकार की GST (जीएसटी) होती है आज इन्ही के बारें में विस्तार से सारी जानकारी हिन्दी में दूंगा आप आर्टिकल को लास्ट तक पढ़ें।

॰ CGST (केंद्रीय गूड्स एंड सर्विस टैक्स)।

GST क्या है? ये तो आप जान ही चुके हो अब बात करते है की CGST (केंद्रीय गूड्स एंड सर्विस टैक्स) क्या है यह किस तरह काम करती है। ये जीएसटी वह होती है जो केंद्र सरकार द्वारा लगाई जाती है। इसमे केंद्र सरकार के द्वारा भिन्न भिन्न प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष करों जैसे सेवा कर, सीमा शुल्क, एसएडी इनको बदल दिया है। तो इस सबका आधा हिस्सा सीजीएसटी होता है। जीएसटी उत्पादन सेवा के कर मूल्य पर ही लगाया जाता है।

जो भी लेनदेन होता है उस पर जीएसटी लगती है मान लीजिये आपने किसी व्यापारी से बड़ी मात्रा में सामान खरीदा है जो आप राज्य से बाहर से खरीदकर लाये है तो वह लेनदेन अंतरराज्य लेनदेन होता है। जिस पर हमें कुछ कर राज्य सरकार को देना पड़ता है। सरकारें इस लेनदेन से कर के रूप में प्रत्येक को 300 रूपये की जेब में डालती है।

॰ SGST (राज्य गूड्स एंड सर्विस टैक्स)

एसजीएसटी जीएसटी का घटक है जो राज्य सरकार द्वारा लगाया जाता है और एकत्र किया जाता है। एसजीएसटी ने राज्य सरकार के द्वारा पहले लगाए गये भिन्न भिन्न अप्रत्यक्ष करों जैसे वैट, मनोरंजन कर, बिक्री कर विलासिता, अधिभारों की जगह ले ली है। कुल जीएसटी का आधा हिस्सा केंद्र सरकार को जाता है बाकी आधा बचा हुआ राज्य सरकार की जेब में जाता है। जीएसटी के रूप इक्ठे किए गये 600 रूपये में से सरकार को 300 रूपये मिलते है बाकी 300 रूपये उनकी जेब में जाते है।

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॰ IGST (एकिकृत गूड्स एंड सर्विस टैक्स)।

जब किसी भी दो या दो से ज्यादा राज्यों के बिच में लेन देन किया जाता है तो आईजीएसटी के रूप में जीएसटी लगाई जाती है। जीएसटी का ये रूप आयात पर भी लगाया जाता है, आईजीएसटी का आधा हिस्सा केंद्र सरकार के खाते में जाता है। और बचा हुआ भी आधा हिस्सा केंद्र सरकार के द्वारा ही इकठा किया जाता है। राज्य सरकार को जीएसटी एकत्र करने के लिए किसी के साथ भी व्यवहार करने की कोई आवशकता नही होती है।

यह सब कुछ या कुल कर केंद्र सरकार के द्वारा एकत्र किया जाता है यह एकत्र किए गये कर से राज्य के हिस्से आपूर्ति करने वाले राज्य को वितरित या बांटा जाता है।

॰ UTGST (केंद्र शासित प्रदेश गूड्स एंड सर्विस टैक्स)।

जब राज्य के अंदर किस भी प्रकार का लेन देन या व्यापार होता है, तब सरकार सीजीएसटी एसजीएसटी लगाती है। जब दो या दो से ज्यादा राज्यो के बीच में किसी भी प्रकार का लेनदेन व्यपार होता है तो सरकार के द्वारा आईजीएसटी लगाई जाती है।

जब भी किसी भी पाँच केंद्र शासित प्रदेशों में से किसी भी एक राज्य से लेनदेन होता है तो सरकार के द्वारा सीजीएसटी और यूजीएसटी चार्ज किया जाता है।

जिस प्रकार आपूर्ति पूरी करने के लिए राज्य सरकार के द्वारा एसजीएसटी इकठा किया जाता है उसी प्रकार आपूर्ति पूरी करने के लिए केंद्र सरकार के द्वारा आईजीएसटी इकठा किया जाता है।

GST के क्या लाभ है?

व्यापक प्रभाव को समाप्त करना।

पंजीकरण की उच्च सीमा।

सरल और आसान ऑनलाइन की काम करने।

छोटे व्यवसायों के लिए सरंचना योजना।

ये कुछ मोटा मोटी जीएसटी के मुख्य लाभ है जो हमें जीएसटी से मिलते है।

GST क्यों जरूरी है?

जब हम कोई वस्तु खरीदते है और फिर कोई भी काम करवाते है हो हमें उस काम का या खरीदी गयी वस्तु, सर्विस का हमें टैक्स देना पड़ता है। जीएसटी में आपको एक देश के तहत एक टैक्स व्यवस्था में एक बार ही टैक्स को भरना पड़ता है। जीएसटी की एक सबसे बड़ी खास बात है की किसी भी समान, वस्तु और कोई भी सर्विस पर इस टैक्स की दर पूरे भारत देश में एक जैसी ही होती है किसी भी छोटी बड़ी सर्विस पर टैक्स कम ज्यादा नही होता है सभी प्रकार की सर्विस में भारत में एक जैसा ही टैक्स या जीएसटी लगता है।

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निष्कर्ष:-

दोस्तों आज हमने इस आर्टिकल में जाना की GST (जीएसटी) क्या होती और यह कितने प्रकार की होती है, जीएसटी भरने से हमें क्या लाभ है। जीएसटी कोई भी सर्विस या वस्तु पर पूरे भारत में एक जैसा टैक्स या जीएसटी लागू होती है। आप आर्टिकल को पूरा पढ़ें तभी आपके समझ में आएगा की जीएसटी क्या है और इसके फाड़े क्या है।

अगर आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया हो तो अपने दोस्तो के साथ शेयर जरूर करें। आपको जीएसटी समझने या जीएसटी से संबन्धित कोई भी समस्या आ रही है तो आप हमें कमेंट में पूछ सकते है।


Prem Singh

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